उद्यान विभाग की योजनाओं में मानकों के अनुरूप नहीं लग रहे हैं पौलीहाउस।

उद्यान विभाग की योजनाओं में मानकों के अनुरूप नहीं लग रहे हैं पौलीहाउस।

डा० राजेंद्र कुकसाल

मुख्यमंत्री संरक्षित उद्यान विकास योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा कृषकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से उद्यान विभाग प्रत्येक जनपद में 90% अनुदान पर पौलीहाउस लगवा रहा है।

मुख्य मंत्री संरक्षित उद्यान विकास योजना में 1219 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से 100 वर्ग मीटर पौलीहाउस के निर्माण पर 121900 ( एक लाख इक्कीस हजार नौ सौ ) रुपए की लागत आती है जिसमें कृषक को 12190 रुपए का भुगतान करना होता है।

मुख्य मंत्री संरक्षित उद्यान विकास योजना के अंतर्गत 100 वर्ग मीटर याने 15 mt लम्बाई x 7 mt चौड़ाई x 4.5 mt ऊंचाई (बीच से)

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 50 वर्ग मीटर याने 30 फीट लम्बाई x 11फीट चौड़ाई x 9 फीट ऊंचाई के पौलीहाउसों का निर्माण किया जा रहा है।

पौलीहाउस लगाने वाले कृषकों का कहना है कि-
विभाग द्वारा उनको पौली हाउस के मानकों से अवगत नहीं कराया जा रहा है तथा पौलीहाउस निम्न स्तर के बनाये जा रहे हैं।

  • पौलीहाउस योजनानुसार जिस माप के बनने चाहिए नहीं बने हैं।
  • ग्राउटिंग ठीक से नहीं की गई है।
  • पौलीथीन सीट निम्न स्तर की है तथा 200 माइक्रोन की जगह मात्र 160-170 माइक्रोन की ही लगाई गई हैं।
  • वैन्टीलेटर पर जाली नहीं लगी है।
  • पौलीहाउस का फ्रेम मानकों के अनुरूप नहीं है।
  • कहीं कहीं सैड नैट पौली हाउस के क्षेत्र फल के अनुसार नहीं दिया गया है।
  • सिन्टेक्स टैंक व ड्रिप इरिगेशन सिस्टम्स नहीं लगाया गया है।

मुख्य मंत्री संरक्षित उद्यान विकास योजना के अंतर्गत निर्माण होने वाले पौलीहाउस के आगंणन जो उद्यान विभाग द्वारा अनुमोदित एवं प्रसारित किया गया है का विवरण साझा कर रहा हूं।

1. ग्राउटिंग कम से कम 2x1x3 फिट, C. C. 1:3:6
2. पौलीथीन 200 माइक्रोन की uv stabilized i s q मार्का की लगी होनी चाहिए।
3. 50% सैड नैट पौली हाउस के क्षेत्र फल के हिसाब से।
4. प्रत्येक वैन्टिलेटर पर कीट अवरोधी जाली लगी होनी चाहिए।
5. प्लास्टिक की टंकी के साथ ड्रिप फिटिंग सहित।
6. दो वेंटीलेटर दो दरवाजे।
7. गरम क्षेत्रों में ऊपर की ओर वेन्टिलेसन अवश्य लगायेंगे।
8. विभागीय अनुबंध के अनुसार यदि पौलीथीन स्वत: फटने, ओला वर्फ या तेज आंधी से क्षति ग्रस्त होने,बोल्ट, नट, पाइप, फ्रेम आदि के टूटने उखड़ने या जंग लगने पर फर्म निर्माण अवधि से तीन बर्षो तक जिम्मेदार होगी।

डा० राजेन्द्र कुकसाल के फेसबुक पेज से साभार

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