नरेन्द्र नगर। विधानसभा चुनाव मतदान की तिथि 14 फरवरी नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे सभी दलों के प्रत्याशी चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं।
विधानसभा नरेंद्रनगर से कांग्रेस के प्रत्याशी ओम गोपाल रावत ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सोमवार को पट्टी धमान्दस्यूँ क्षेत्र के अनेकों गांव का पैदल भ्रमण कर कांग्रेस की रीती-नीतियों से मतदाताओं को अवगत कराया। प्रत्याशी ओमगोपाल ने कांग्रेस पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए अपने लिए वोट मांगे।
इस दौरान धमान्दस्यूँ पट्टी के केंद्रीय स्थल देवलधार में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी ओम गोपाल रावत ने भाजपा की डबल इंजन सरकार को उत्तराखंड में हर मोर्चे पर विफल बताया।
ओम गोपाल रावत ने भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर बताते हुए कहा कि यह पार्टी जुमले बाजों की पार्टी है।
उन्होंने भाजपा को षड्यंत्र रचने में माहिर बताया और कहा कि इसका शिकार वे खुद हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं 2007 में विधायक बना तब भाजपा और काँग्रेस को प्रदेश में सरकार बनाने के लिए यूकेडी का समर्थन चाहिए था, दोनों राष्ट्रीय पार्टियां पशोपेश में थी।
कहा कि राष्ट्रवाद का ढोल पीटने वाली भाजपा को तब मैंने समर्थन दिया,इस दौर में मुख्यमंत्री तो जरूर बदले गये,मगर हमारे समर्थन से सरकार 5 वर्षों तक चली।
ओम गोपाल रावत भाजपा पर तंज कसते हुए यहीं नहीं रुके,उन्होंने कहा मैं पार्टी के लिए निरंतर काम करता रहा मगर पार्टी ने 2017 में टिकट मुझे ना देकर कांग्रेस से भाजपा में आए व्यक्ति को दिया और मुझ जैसे उत्तराखंड आंदोलनकारी जिसके जिस्म से आंदोलन के दौरान गोली आर-पार हो गई,उसे टिकट से महरुम कर दिया।
निर्दलीय लड़ने पर रहे दूसरे स्थान पर
भाजपा की कथनी और करनी को सभा में सविस्तार बताते हुए ओम गोपाल रावत बोले कि वर्ष 2017 में उन्हें टिकट से वंचित किए जाने पर जनसमर्थन के दबाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने को मजबूर होना पड़ा, पार्टी ने तत्काल उन्हें निष्कासित कर दिया मगर बावजूद इसके जनता के स्नेह और अपार जन समर्थन की बदौलत वे निर्दलीय भी 19 हजार से अधिक वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे।
बताया कि 2019 के पार्लियामेंट्री चुनाव के दौरान भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं ने उन्हें 2022 में विधानसभा चुनाव में टिकट देने का वादा कर पुनः पार्टी में शामिल किया। ओम गोपाल रावत ने चुटकी लेते हुए कहा कि जो यहां 15 वर्षों तक विधायक रहे, मंत्री रहे, विकास कितना हुआ यह जनता सब जानती है। उन्होंने जनता से पूछा प्रदेश में ऐसा विधायक कौन है जिसके यहां विकास के नाम पर ढक्कन लगा हो?
पृथक राज्य बनने के बाद नरेंद्रनगर हुआ बदहाल
कांग्रेस प्रत्याशी ओमगोपाल ने कहा पृथक राज्य बनने के बाद नरेंद्रनगर जिस तरह से वीरान और खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। यह ऐतिहासिक और दुर्भाग्यपूर्ण विडंबना है।
इस पर गहन चिंतन-मनन के साथ प्लानिंग बनाकर इस ऐतिहासिक नगरी को फिर से संवारने की जरूरत है।जनता का साथ लेकर वे विधानसभा की हृदय स्थली के रूप में जाने पहचाने वाले नरेंद्रनगर व अन्य क्षेत्रों की जरुरतों के मुताबिक रोड मैप तैयार कर विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम करेंगे।
इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह कंडारी,वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जगमोहन सिंह भंडारी,पालिका सभासद नरेंद्रनगर अजय धमांदा व पूर्व पालिका अध्यक्ष नरेंद्रनगर राजेंद्र सिंह राणा ने अपने संबोधन में कांग्रेस प्रत्याशी ओम गोपाल रावत को विजय बनाने की अपील मतदाताओं से की।
यहां किया डोर टू डोर केंपेन
कांग्रेस प्रत्याशी ओम गोपाल रावत ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पट्टी धमान्दस्यूँ के भिंगार्की, कोथली,डाँगू,चमोल गांव,कुखुई, क्यार्खी,क्वीई,नीर,धारकोट,सल्डोगी,कोडार आदि गांवों का भ्रमण कर कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में अपने लिए वोट मांगे व भाजपा की गलत रीति- नीतियों से मतदाताओं को अवगत कराते हुए अपील की,कि वे किसी के प्रलोभन में कतई ना आएँ।
उन्होंने डोर टू डोर जाकर कांग्रेस के पक्ष में वोट करने की अपील मतदाताओं से की। ओम गोपाल के पक्ष में उमड़ा जनसैलाब और नारेबाजी ने ठंड के इस सीजन में चुनावी माहौल को गरमा दिया। चुनावी माहौल इतना गर्म था कि सुप्रसिद्ध सिद्ध पीठ कुंजापुरी मंदिर में मन्नतें मांगने गए दूल्हा ने भी ओम गोपाल रावत के पक्ष में जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेश प्रत्याशी ओम गोपाल रावत के साथ इस चुनाव प्रचार में पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह कंडारी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जगमोहन सिंह भंडारी,राजेंद्र सिंह भंडारी,जाने-माने गढ़वाली लोक गायक गजेंद्र सिंह राणा, विनोद सती,जिला पंचायत सदस्य दयाल सिंह रावत, पूरण सिंह पुंडीर,राजेंद्र सिंह राणा,अजय धमांदा, सुंदर सिंह धमांदा,सर्वजीत रावत,त्रिलोक सिंह रावत,धर्म सिंह कैंतुरा,कमला प्रसाद बिजल्वाण,धूम सिंह चौहान,पृथ्वी सिंह नेगी,भगवान सिंह,हरपाल सिंह नेगी व जोध सिंह रावत सहित सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता साथ थे।

