मिशन 2022ः जितेन्द्र बनाम त्रिवेन्द्र हुआ डोईवाला में चुनावी मुकाबला

मिशन 2022ः जितेन्द्र बनाम त्रिवेन्द्र हुआ डोईवाला में चुनावी मुकाबला

देहरादून। देहरादून की डोईवाला सीट पर चुनावी मुकाबला जितेन्द्र सिंह नेगी बनाम त्रिवेन्द्र सिंह रावत हो चला है। डोईवाला विधानसभा पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत की विधानसभा सीट रही है। वे इस बार चुनावी मैदान में नहीं उतरे हैं लेकिन भाजपा ने यहां से पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र की करीबी बृजभूषण गैरोला को चुनाव मैदान में उतारा है। जितेन्द्र नेगी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे हैं और टिकट ना मिलने से नाराज डोईवाला से चुनाव मैदान में उतरे हैं। यहां से कांग्रेस ने गौरव चौधरी को मैदान में उतारा हैं। वहीं यूकेडी के शिवप्रसाद सेमवाल भी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं।

डोईवाला विधानसभा सीट की बात की जाय तो इसे भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहां से पूर्व सीएम और केन्द्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत बारी-बारी से विधानसभा पहुंच चुके हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हीरा सिंह बिष्ट यहां से उपचुनाव जीते हैं।

कौन है जितेन्द्र सिंह नेगी

आरएसएस से पिछले 30 सालों से जुड़े डोईवाला से निर्दलीय प्रत्याशी जितेन्द्र सिंह नेगी भाजपा में जिलाध्यक्ष रहे हैं। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार है। भाजपा में रहते उन्होंने डोईवाला विधानसभा में बीजेपी संगठन को मजबूत करने का काम किया। ये उनकी ही मेहनत का नतीजा है कि आज डोईवाला भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है।

चुनाव प्रबंधन के बड़े रणनीतिकार

निर्दलीय प्रत्याशी जितेन्द्र नेगी डोईवाला क्षेत्र ही नहीं बल्कि देहरादून जिले में बड़े जनाधार वाले नेता के तौर पर पहचान है। भाजपा सरकार के दौरान वे 20 सूत्री क्रियान्वयन समिति के उपाघ्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुके है। जिले में भाजपा संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत कराने की उनकी बड़ी भूमिका बताई जाती है। बीजेपी में इलेक्शन मैनेजमेंट के सफल रणनीति के तौर पर जितेन्द्र नेगी की पहचान रही है। वे चुनाव की बरीकियों को धरातल में जानते समझते हैं। 1991 और 1996 में उन्होंने मसूरी विधानसभा से बीजेपी के प्रत्याशी को चुनाव जिताने में भूमिका निभाई। साल 2002 में डोईवाला विधानसभा के चुनाव में डोईवाला ग्रामीण मण्डल के चुनाव संयोजक रहे। 2004 में टिहरी लोकसभा में कार्य किया। 2009 में हरिद्वार लोकसभा में चुनाव संयोजक का दायित्व निभाया। 2013 में मुनि की रेती नगर पंचायत के चुनाव प्रभारी रहे। 2014 में टिहरी लोकसभा के तहत रायपुर विधान सभा के चुनाव प्रभारी रहे।

पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र पर साधा निशाना

जितेन्द्र सिंह नेगी पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र को डोईवाला विधानसभा के पिछड़ेपन के लिए जिम्मेदार मानते हैं। वे हर मंच पर दोहरा चुके हैं कि डोईवाला का सही मायनों तभी विकास होगा जब स्थानीय नेता यहां का विधायक होगा।

जितेन्द्र नेगी को भाजपाहयों का समर्थन

स्थानीय प्रत्याशी के नाम पर जितेन्द्र नेगी को तमाम भाजपाइयों का समर्थन मिल रहा है। जितेन्द्र नेगी के समर्थन में आये कई भाजपाइयों को पार्टी ने निष्कासित भी कर दिया है। जिससे भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ कार्यकर्ताओं में और भी रोष गहरा गया है। जमीन से जुड़े कार्यकर्ता तो यहां तक बोल रहे हैं कि क्षेत्र के सारे भाजपाई जितेन्द्र नेगी के साथ है। पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के साथ सिर्फ पूर्व सीएम ही रहे गये हैं। वहीं पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र का दावा है कि डोईवाला में भाजपा के सामने कोई नहीं है। पार्टी यहां से भारी बहुमत के साथ जीत हासिल करेगी।

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