देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में हुई भर्ती व अन्य अनियमिताओं को लेकर समाचार पत्रों व सोशल मीडिया में चल रही सुर्खियों का संज्ञान लेते हुए कड़ी भर्त्सना की है।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी व जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने बताया एम्स भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। अभी कुछ वर्ष पूर्व में यहां नर्सिंग भर्ती घोटाला प्रकाश में आया था। एम्स के निदेशक पर पैसे लेकर भर्ती करने का आरोप लगे।
मंच के महासचिव रामलाल खंडूड़ी व पुरण सिंह लिंगवाल ने कहा कि जब ऋषिकेश में एम्स की आधारशिला रखी गई तो प्रदेश वासियों ने सोचा कि अब हमारे लोगो इलाज के साथ साथ रोजगार भी मिलेगा, लेकिन हुआ बिल्कुल उलट। पहाड़ या देहरादून से जब मरीज वहा पहुंचता है तो उसे उल्टा जौलीग्रांट अस्पताल लाना पड़ता है या अन्यत्र कहीं और ले जाना पड़ता है।
इसी प्रकार रोजगार में भी दिल्ली से लेकर अन्यत्र राज्यों से सेटिंग गेटिंग के तहत गार्ड से लेकर नर्स व अन्य पदों पर भर्ती किए गए है। प्रदेश के बेरोजगार बाहर जाने को मजबूर है।
उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच इसकी केंद्र सरकार से मांग करता है कि स्पष्ट जांच हो और दूध का दूध और पानी का पानी हो और उचित दण्ड दिया जाय। सवाल यह कि आखिर निदेशकों पर हर क्यों सवाल उठ रहे है।
