चम्पावत। मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास योजना (बीएडीएस) के अंतर्गत जनपद-चम्पावत में वित्तीय वर्ष 2022-23 के वार्षिक कार्ययोजना में प्रस्तावित कार्यों की जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा की। जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भण्डारी ने विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों को निर्देश दिये कि आम जन के सर्वांगीण विकास की योजनाओ को अधिकारी प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को प्रस्तावित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण-क्षेत्रों में मूलभूत आवश्यक सुविधाओं को योजना में प्रस्तावित करें जिससे कि सीमांत ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे पलापन को रोके जाने में यह योजनाएं मददगार साबित हो सकें। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से ग्रामीणों की आजीविका में वृद्धि भी हो सके इसका भी विशेष ख्याल रखा जाय। जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाए जाने हेतु सीमांत क्षेत्र में दुग्ध समितियों को बनाए जाने, पशुपालन, औद्यानिकी तथा कृषि विकास के क्षेत्र में विशेष कार्य करने के अतिरिक्त शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक सुधार पर बल देते हुए कार्य करने के निर्देश इन विभागों के अधिकारियों को दिये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना जिले विकास खण्ड चम्पावत तथा लोहाघाट में संचालित है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्र के गांवों में मूलभूत अवस्थापना तथा अन्य सुविधाएं मुहैया कराना है। उन्होंने अवगत कराया कि योजनांतर्गत दोनों विकास खण्डों में लगभग 6 करोड की लागत के कार्यों के प्रस्ताव विभिन्न विभागों से प्राप्त हुए हैं।
बैठक में विभागों से प्राप्त इन प्रस्तावों पर विभागवार चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनोपयोगी व महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता दें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी एस०के० पंत सहित कृषि, पशुपालन, उद्यान, दुग्ध, भेषज, शिक्षा, लोनिवि तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
