‘आकाश पिता’ एवं ‘बीज का संचरण’ काव्य संग्रहों का विमोचन
नरेन्द्र सिंह की रिपोर्ट
श्रीनगर। हिंदी साहित्य भारती उत्तराखंड एवं बिगुल संस्था के संयुक्त तत्वावधान में कवयित्री साईनीकृष्ण उनियाल के काव्य संग्रह “आकाश पिता” व ‘सीमा पर है खड़ा हिमालय’ वीडियो गीत तथा कवयित्री कमला उनियाल के काव्य संग्रह बीज का संचरण का विमोचन समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने दोनों काव्य संग्रहों की सराहना करते हुए इसे नवोदित कवियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
अदिति स्मृति न्यास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वैश्विक हिंदी शोध संस्थान के महानिदेशक व हिंदी साहित्य भारती के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. जयंती प्रसाद नौटियाल ने कहा कि पितृपक्ष पर इससे बड़ा तर्पण क्या होगा कि कोई पुत्री अपने माता-पिता के लिए अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्यिक तर्पण कर रही हैं। आज जो हम लोग तर्पण करते हैं, उसे कल भूल जाते हैं। लेकिन जो दोनों नवोदित कवयित्रियों ने लिखा है वह सदियों तक काम आएगा। साहित्य का उद्देश्य होता है कि वह जन जागरण करें और आने वाली पीढ़ी को कुछ दे जाएं। निश्चित तौर पर यह रचनाएं समाज को कुछ विशिष्ट दे रही हैं।
कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि हमें अपनी बोली भाषा व पहनावे का उत्थान करना चाहिए। दोनों नवोदित कवयित्रियों के लेखन और इनकी रचनाधर्मिता की उन्होंने खूब सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गढ़वाल विवि के हिंदी विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. उमा मैठाणी ने कहा कि दोनों नवोदित कवयित्रियां धैर्य व समर्पण भाव के साथ लेखन का कार्य कर रही हैं।
वरिष्ठ पत्रकार रीजनल रिपोर्टर की संपादक गंगा असनोड़ा थपलियाल ने कहा कि दोनों काव्य रचनाएं संवेदना से निकली हुई उपज है और नारी हृदय की संवेदनाओ को व्यक्त करती हैं। हिंदी साहित्य भारती उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष कविता भट्ट शैलपुत्री व वरिष्ठ कवि नीरज नैथानी ने काव्य संग्रह की समीक्षा प्रस्तुत कर दोनों को बधाई दी। इस अवसर पर साईनीकृष्ण उनियाल की माता सुनीता नौटियाल व कमला उनियाल के पिता सुरतीराम पैन्यूली को विधायक विनोद कंडारी द्वारा सम्मानित भी किया गया। संचालन राइंका भल्लेगांव के प्रवक्ता महेंद्र दत्त बंगवाल ने किया।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
पूर्व पालिकाध्यक्ष कृष्णानंद मैठानी, डालियों के दगड़िया के सचिव डॉ. मोहन पंवार, मां फाउंडेशन के सचिव इं. सत्यजीत खंडूड़ी, वासुदेव कंडारी, जितेंद्र धिरवाण, दिनेश असवाल, जयकृष्ण पैन्यूली, संदीप रावत, भगवान प्रसाद घिल्डियाल, उपासना भट्ट, दिनेश उनियाल, प्रकाश चमोली, संगीता फरासी, राधा मंदोली, गजेंद्र उनियाल, वीरेंद्र बिजल्वाण, नवीन उनियाल, मनोज उनियाल आदि मौजूद रहे।
मायादेवी ग्रुप की प्रस्तुतियां रही आकर्षण का केंद्र
कविता संग्रह विमोचन के अवसर पर माँ मायादेवी ग्रुप की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रही। मास्टर प्रद्युम्न उनियाल ने हारमोनियम पर सुंदर गुरू वंदना की प्रस्तुति दी। साथ ही तेजस्वनी सेमवाल, प्रत्युषा भट्ट व परीक्षित उनियाल ने भी सुंदर प्रस्तुति दी। अभिनव डोभाल ने तबले पर शानदार संगत दी। माँ मायादेवी ग्रुप से प्रीति सेमवाल, सविता बंगवाल, सरिता बंगवाल, मंजू उनियाल, कविता उनियाल, पूजा मिश्रा, कृतिका राणा, सुमित्रा रावत, संध्या नौटियाल, कांति भट्ट शामिल रहे।

