देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक प्रकरण में पूर्व सचिव संतोष बडोनी व परीक्षा नियंत्रक नारायण सिंह डांगी समेत पांच अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस जांच की अनुमति दी है।विजिलेंस से इस जांच को जल्द पूरा करने को कहा गया है। माना जा रहा है कि विजिलेंस इन अधिकारियों की संपत्ति की भी जांच करेगी।
जांच में यूकेएसएसएससी द्वारा कराई गई अन्य परीक्षाओं में भी धांधली की बातें सामने आ रही हैं। इनमें दरोगा भर्ती प्रकरण, वन रक्षक भर्ती और सचिवालय रक्षक भर्ती आदि शामिल हैं। इस प्रकरण में अभी तक 38 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए हैं। भर्ती घपला सामने आने के बाद यूकेएसएसएससी के अध्यक्ष व पूर्व आइएएस एस राजू ने पद से इस्तीफा दे दिया था तो वहीं शासन सचिव संतोष बडोनी को पद से हटाने के बाद उन्हें निलंबित कर चुका है। कुछ समय पहले एसटीएफ ने इस मामले की जांच विशेषज्ञ एजेंसी से कराने के लिए पुलिस मुख्यालय से अनुरोध किया था।
इस क्रम में पुलिस मुख्यालय ने शासन को पत्र भेजकर मामले की जांच विजिलेंस से कराने और आरोपित अधिकारियों के खिलाफ जांच की अनुमति देने का अनुरोध किया था। उत्तराखण्ड के नौजवान लगातार भर्ती धांधली को लेकर मुखर हैं और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सीएम धामी ने साफ कहा सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। आरोपी कितना भी रसूखदार हो उसकी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

