देहरादून। श्रीदेव सुमन विवि प्रशासन की उदासीनता के चलते 51 कालेजों के 13 पाठ्यक्रमों में एक भी प्रवेश नहीं हो पाया है। दरअसल श्रीदेव सुमन विवि 51 निजी कालेजों के 13 व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को समर्थ पोर्टल पर प्रदर्शित ही नहीं किया है। गौरतलब है कि चालू शैक्षिक सत्र से डिग्री पाठ्यक्रमों में समर्थ पोर्टल के जरिये ही प्रवेश दिया जा रहा है।
एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस्ड इंस्टीट्यूट उत्तराखण्ड के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने इन 13 व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को समर्थ पोर्टल में शामिल करते हुए ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से प्रवेश तिथि 15 सितम्बर तक बढ़ाने की मांग की है ताकि इच्छुक छात्र-छात्राएं इन पाठ्यक्रमों में सम्बन्धित संस्थानों में प्रवेश ले सकें।
निजी संस्था ने इस मामले को श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विवि के समक्ष उठाया है। उनका कहना है कि लाखों रूपये प्रति पाठ्यक्रम उन्होंने विवि में जमा किए, लेकिन समर्थ पोर्टल में इन कालेज के समक्ष नए पाठ्यक्रमों को दर्शाया ही नहीं गया है। जिससे इन संस्थानों में प्रवेश नहीं हुआ है।
स्नातक में दाखिला 26 अगस्त को समर्थ पोर्टल बंद कर दिया गया। ऐसे में इस वर्ष करीब 51 संस्थानों में यह व्यवसायिक पाठ्यक्रम संचालित नहीं होंगे। नए पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने से पहले श्रीदेव सुमन विवि की कमेटी ने कालेज की आधारभूत सुविधा का निरीक्षण भी किया। विवि ने इन पाठ्यक्रमों का अनुमोदन कर फाइलें राजभवन भेजी, लेकिन प्रवेश के लिए उपलब्ध नहीं करवाय गया।
एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस्ड इंस्टीट्यट उत्तराखण्ड के अध्यक्ष डॉ० सुनील अग्रवाल ने इस मामले में उच्च शिक्षा निदेशक प्रो० सीडी सूंठा व श्रीदेव सुमन उत्तराखंड के कुलपति एनके जोशी को पत्र भेजा है। डॉ० अग्रवाल ने बताा कि श्रीदेव सुमन विवि से वर्तमान में राजकीय और निजी 214 संस्था संबंद्ध है, इसमें से 100 से अधिक निजी संस्थानों ने एचएनबी गढ़वाल केन्द्रीय विवि से असंबद्ध होकर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्धता ली, लेकिन विवि कई नए पाठ्यक्रकों को समर्थ पोर्टल् पर संस्थान के साथ शामिल ही नहीं कर पाया, जिससे व्यवसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने वाले सैंकड़ों छात्र-छात्राओं और निजी संस्थानों दोनों को नुकसान उठाना पड़ा रहा है।
एक तरफ राज्य सरकार की प्रबल इच्छा है कि सभी कालेज एचएनबी गढ़वाल केन्द्रीय विवि से हटकर श्रीदेव सुमन विवि में ट्रांस्फर ले, दूसरी तरफ श्रीदेव सुमन विवि की ओर ट्रांस्फर लिए गए कालेज के पाठ्यक्रमों में लापरवाही बरती जा रही है।
डॉ० अग्रवाल ने राज्य सरकार से उम्मीद जताई है कि छूटे हुए 13 व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को समर्थ पोर्टल में शामिल करते हुए 15 सितम्बर तक प्रवेश की तिथि विस्तारित की जाए, ताकि छात्रों और संस्थानों को इसका लाभ मिल सकें।
ये व्यवसायिक पाठ्यक्रम नहीं दर्शाए पोर्टल पर
बीबीए, बीसीए, फार्मेसी, पीजीडीसीए, बीएससी-आईटी, फिटनेस एवं स्पोर्टस मैनेजमेंट, पीजी डिप्लों इन यौगिक सांइस, बीलिब, बीएचएम, डीएचएम, डिप्लोमा इन योगा, बीएमआर-आईटी, बीपीटी
उधर श्रीदेव सुमन विवि के कुलसचिव डॉ० खेमराज भट्ट ने कहा कि इस प्रकार का मामला अभी तक किसी संस्थान की ओर से उनके संज्ञान में नहीं आया है। यदि किसी को किसी पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति विवि से मिली होगी तो वह पाठ्यक्रम संस्थान के साथ समर्थ पोर्टल पर लिया गया होगा। फिर भी इस मामले की पड़ताल कराई जाएगी।

