दुनिया की गंभीर बीमारियों में से एक कैंसर भी एक गंभीर बीमारी हैं दुनियाभर में हर साल की तरह इस साल भी 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन का मकसद लोगों को कैंसर के बारे में जागरूक करना है। इसके लक्षणों की पहचान करना और इसकी रोकथाम के लिए जानकारी मुहैया कराना है। हर साल लाखों लोगों की मौत कैंसर के कारण से होती हैं कैंसर शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, कैंसर के मामलों में 77 फीसदी बढ़ोतरी की आशंका जताई है।
विश्व कैंसर दिवस पहली बार साल 2008 में मनाया गया था। साल 2022, 2023 और 2024 के लिए विश्व कैंसर दिवस की थीम ‘क्लोज द केयर गैप’ तय की गई थी। इससे कैंसर से जूझ रहे लोगों को सही सलाह और इलाज पहुंचाया जा सके। विश्व कैंसर दिवस के मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं ताकि लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक किया जा सके। विश्व कैंसर दिवस के नेतृत्व यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल की ओर से किया जाता है।
शुरूवाती दौर पर कैंसर की पहचान करना बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर के बढ़ते मरीज और समय पर बीमारी का पता नहीं लग पाना आज भी सबसे बड़ी चुनौती हैं तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मरीजों का समय पर पता नहीं चलना सबसे बड़ी चुनौती है। आज भी 60 फीसदी मरीज एडवांस स्टेज में इलाज के लिए पहुंचते है। ऐसे मरीजों की वजह से उन मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। जिनके ठीक होने के आसार बेहद कम होते हैं। लिहाजा बचाव और पेन मैनेजमेंट केयर को बढ़ावा देने की जरूरत हैं। जब किसी को बीमारी का पता चलता है उनमें कैंसर एडवांस स्टेज में पहुंच चुका होता है। सभी बड़े-बड़े सेंटर की तरफ भागते हैं। ऐसी स्थिति में बड़े सेंटरों में एडवांस स्टेज के मरीजों की संख्या ज्यादा हो जाती है, जबकि इलाज के बाद भी उनके क्योर की संभावना कम है।
कैंसर के लक्षण की करें पहचान
कैंसर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि यह शरीर के किस हिस्से में विकसित हो रहा हे। मुख्य रूप से कैंसर के कारण, थकान, वजन कम होने की समस्या, स्किन में परिवर्तन जैसे त्वजा का पीला या काला पड़ना, गिलने में कठिनाई कैंसर के संकेत हो सकते हैं।

