चिट्ठी लाई ऐसा तूफान, मिनिस्ट्रियल संवर्ग और शिक्षक संवर्ग के बीच मच गया घमासान

चिट्ठी लाई ऐसा तूफान, मिनिस्ट्रियल संवर्ग और शिक्षक संवर्ग के बीच मच गया घमासान

देहरादून। निदेशक माध्यमिक शिक्षा को लिखी चिट्ठी ने शिक्षा विभाग में घमासान मचा दिया है। मिनिस्ट्रीयल संवर्ग की ओर से निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट को लिखी इस चिट्ठी के बाद शिक्षा विभाग का मिनिस्ट्रीयल संवर्ग और शिक्षक सवंर्ग आमने सामने है। शिक्षक संवर्ग का कहना है कि चिट्ठी में लिखी भाषा में मर्यादा का ख्याल रखा जाना चाहिए। तो वहीं मिनिस्ट्रीयल संवर्ग की अपनी अलग नाराजगी है।

दरअसल ये सारा घमासान पिछले दिनों प्रभारी प्रधानाचार्यों को डीडीआर का अधिकार दिए जाने के बाद उपजा है। मिनिस्ट्रयल संवर्ग और शिक्षक संवर्ग ने इस फैसले को अपने आत्म-सम्मान से जोड़ दिया है। इससे पहले मिनिस्ट्रिल संवर्ग को डीडीआर का अधिकार सौंपने जाने के लिए निदेशालय की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इस पर शिक्षा संवर्ग ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

निदेशक माध्यमिक पर लगाया भेदभाव करने का आरोप

एजुकेशन मिनिस्ट्रियल ऑफिसर्स संगठन उत्तराखंड की ओर से माध्यमिक शिक्षा को पत्र लिखा गया है। प्रांतीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुसाई और महामंत्री साबर सिंह रौथान समेत अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट को जारी पत्र में लिखा कि आहरण वितरण अधिकारी का प्रभार प्रभारी प्रधानाचार्य को सौपने के निर्णय को मनमाना और भेदभाव से प्रेरित बताया है। वहीं उन्हें कई मुद्दों पर नसीहत भी दी है।

चिट्ठी की भाषा पर शिक्षक संवर्ग ने जताया एतराज

यह पत्र सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कई शिक्षकों ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा पर लगाए गए आरोपो और पत्र की भाषा शैली पर सख्त आपत्ति जताई है। शिक्षक संवर्ग ने निदेशक के समर्थन में खुलकर सामने आने की घोषणा की है। शिक्षकों का कहना है कि पत्र की भाषा शैली से स्पष्ट हो जाता है कि यह निदेशक सहित राज्य के हजारों शिक्षकों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने की इरादे से तैयार किया गया है।

राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामसिंह चौहान ने कहा है कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट के साथ किये गये अभद्र व्यवहार और अशोभनीय भाषा की राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड निंदा करता है। हमारे आत्मसम्मान से खेलने वालों को क़तई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। चाहे कितना भी बड़ा आंदोलन करना पड़े। आइए साथियों अपने आत्मसम्मान की लड़ाई के लिए एकजुटता का परिचय दें और निदेशक माध्यमिक शिक्षा को बृहद समर्थन दें। राज्य के शिक्षक निदेशक एमएस बिष्ट के साथ हर परिस्थिति में एकजुट होकर खड़े हैं।

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