आउटसोर्स एजेंसी पर नौकरी के एवज में बेरोजगारों से पैसे लेने का आरोप

आउटसोर्स एजेंसी पर नौकरी के एवज में बेरोजगारों से पैसे लेने का आरोप

देहरादून। प्रदेश में नौकरी के सौदागरों की दुकानदारी बदस्तूर जारी है। सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर नौकरी दिलाने के नाम पर ये सौदागर बेरोजगार नौजवानों से मोटी रकम की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस ने जलागम परियोजना में आउटसोर्ट एजेंसी के जरिये हो रही भर्ती में कुछ इसी तरह के सवाल खड़े किये हैं।

सोमवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब देहरादून में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता संदीप चमोली ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि आउटसोर्स एजेंसी बेरोजगारों से 90-90 हजार रुपये तक नौकरी लगाने के एवज में ले रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि हाल में ही जलागम में आउटसोर्स के माध्यम से 286 पदों पर नियुक्ति की गई। इन नियुक्तियों में कंपनी ने सरकार की ओर से तय मानकों का पालन तक नहीं किया। शासनादेश में साफ कहा गया था की कंपनी के द्वारा सबसे पहले रोजगार की सूचना सरकार के प्रयाग पोर्टल पर जारी की जाएगी। उसके बाद कंपनी को अपनी निजी साइट पर भी इसका ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा। लेकिन आउटसोर्स एजेंसी टीडीएस कम्पनी ने इन मानकों का पालन नहीं किया गया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जो कंपनी जलागम में युवाओं को नौकरी पर रखने का काम कर रही है, उसे पूर्व में चंडीगढ़ हाईकोर्ट के आदेश पर ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है। बावजूद इसके उत्तराखंड में इस कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन युवाओं को आउटसोर्स पर रखा गया है, उनसे 90 हजार रुपये तक कंपनी के खाते में लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई ऐसे युवा हैं, जिनसे कंपनी ने रकम तो ले ली, लेकिन नौकरी नहीं दी।उन्होंने बैंक खातों में लेन-देन के स्क्रीनशॉट भी प्रेस कांफ्रेस में शेयर किए।

उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड शासन के अधिकारियों तक को इससे अवगत करा चुके हैं। उन्होंने जलागम कहा कि जलागम निदेशालय की भूमिका इसमें संदिग्ध है। उन्होंने प्रदेश में आउटसोर्स में हो रही भर्तियों में बड़े भ्रष्टाचार का अंदेशा जताया है। उन्होंने मांग की कि जलागम में आउटसोर्स से हो भर्तियों को निरस्त की जाएं एवं जिम्मेदार एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाए।

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