विद्युत ओम्बुड्समैन (लोकपाल) की नियुक्ति ना किये जाने पर यूकेडी ने जताई नाराजगी

विद्युत ओम्बुड्समैन (लोकपाल) की नियुक्ति ना किये जाने पर यूकेडी ने जताई नाराजगी

देहरादून। विद्युत ऑम्बडसमैन की नियुक्ति ना किये जाने यूकेडी ने नाराजगी जाहिर की है। पिछले चार-पांच महीनों से विद्युत ऑम्बड्मैन के अध्यक्ष का पद रिक्त चल रहा है। जिसके चलते विद्युत उपभोक्ताओं की अपील की सुनवाई में खासी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। इसकी को लेकर उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के केन्द्रीय उपाध्यक्ष शान्ति प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल विद्युत ऑम्बड्मैन (लोकपाल) के कार्यालय पहुंचा।

यूकेडी के प्रतिनिधि मण्डल ने कार्यालय प्रभारी से वार्ता कर पूछा गया कि आखिर ऑम्बड्मैन के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही है। विद्युत विभाग के मनमाने कारनामों से कई उपभोक्ता परेशान हैं और अपनी शिकायत विद्युत ऑम्बड्मैन कार्यालय में दर्ज करा रहे हैं। परन्तु अध्यक्ष की नियुक्ति न होने के कारण उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो पा रही है उपभोक्ताओं में रोष फैलता जा रहा है।

विद्युत ऑम्बड्मैन कार्यालय के प्रभारी ने बताया गया कि अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए विद्युत नियामक आयोग की कमेटी निर्धारित है और प्रक्रिया गतिमान है। यूकेडी उपाध्यक्ष द्वारा जब यह कहा गया कि कमेटी गठित होने के बावजूद 3-4 महीने से पद खाली क्यों है जबकि उपभोक्ता परेशान हैं, ऐसे में जनहित के कार्यों की देरी के लिए दोषी कौन है तो इस पर उनके द्वारा कहा गया कि इसके लिए आप विद्युत नियामक आयोग से बात कर सकते हैं अन्य कोई जानकारी देने से उनके द्वारा असमर्थता जताई गई और कहा गया कि मा० अध्यक्ष की नियुक्ति में इतनी देरी नहीं होनी चाहिए थी। अगर देरी हो रही है तो यह जांच का विषय हो सकता है।
यूकेडी उपाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट ने आश्चर्य व्यक्त किया गया कि राज्य के पब्लिक सर्विस ट्रिब्यूनल में अध्यक्ष के साथ कोरम पूरा नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकतर आयोगो की यही स्थिति है जिससे जनहित के कार्य बाधित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के लिए ये बड़े दुर्भाग्य की बात है।

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