कविताओं के माध्यम से मुंशी प्रेम चंद को किया गया याद

कविताओं के माध्यम से मुंशी प्रेम चंद को किया गया याद

देहरादून। हिन्दी साहित्य के कर्णधार मुंशी प्रेमचंद को उनके जन्मदिवस पर याद किया गया। सनराइज एकेडमी मैनेजमेंट सोसाइटी (कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन) देहरादून में इस अवसर पर बी.एड संकाय द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया । साथ ही अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा इस कार्यक्रम में सहयोगी संस्था के रूप में भाग लिया गया।

कार्यक्रम के इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ० पूनम शर्मा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद हिन्दी साहित्य के सूत्रधार हैं उनकी रचनाएँ तत्कालीक समाज का आईना है ।उनके द्वारा लिखी गई रचनायें – गोदान , ग़बन दो बैलों की कथा, पछतावा, नमक का दरोग़ा इत्यादि हिन्दी साहित्य में अपना विशेष स्थान रखती है।

कार्यक्रम के अवसर पर महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं द्वारा कविता , नाटक, संगीत आदि प्रस्तुतियाँ की गई।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि डॉ० प्रिया जयसवाल ने कहा कि हमारी संस्था छात्रों के चौमुखी विकास के लिए तत्पर है और वर्तमान समय में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों सहित मैदानी भाग में भी काम कर रही है। उनका कहना है कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन शिक्षा के क्षेत्र में विगत वर्षों से नयी नयी प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्य कर रहा है जिससे आने वाले शिक्षक अध्यापन के नये मानदंड स्थापित कर सके।

इस अवसर पर बी.एड. संकाय से सभी सदस्य, छात्राध्यापिकाएं एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। हिन्दी साहित्य के कर्णधार मुंशी प्रेमचंद को उनके जन्मदिवस पर याद किया गया। इस अवसर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से सनराइज एकेडमी मैनेजमेंट सोसाइटी (कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन) देहरादून में बी.एड संकाय के साथ मिलकर कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसमें मुंशी प्रेमचंद के साहित्य में भारतीय संविधान के मूल्यों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम के इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ० पूनम शर्मा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद हिन्दी साहित्य के सूत्रधार हैं उनकी रचनाएँ तत्कालीक समाज का आईना है ।

कार्यक्रम के अवसर पर महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राध्यापिकाओं द्वारा नाटक, संगीत, पोस्टर आदि के माध्यम से प्रेमचंद के हिन्दी योगदान को प्रदर्शित किया गया।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि डॉ० प्रिया जयसवाल ने कहा कि हमारी संस्था छात्रों के चौमुखी विकास के लिए तत्पर है और वर्तमान समय में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों सहित मैदानी भाग में भी काम कर रही है। उनका कहना है कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन शिक्षा के क्षेत्र में विगत वर्षों से नयी नयी प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्य कर रहा है जिससे आने वाले शिक्षक अध्यापन के नये मानदंड स्थापित कर सके। इस अवसर पर बी.एड. संकाय से सभी सदस्य, छात्राध्यापिकाएं एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *