श्री गुरू राम राय पब्लिक स्कूल सीनियर सेक्शन वसंत विहार में धूम धाम से मनाया गया हिन्दी पखवाड़ा

श्री गुरू राम राय पब्लिक स्कूल सीनियर सेक्शन वसंत विहार में धूम धाम से मनाया गया हिन्दी पखवाड़ा

देहरादून। श्री गुरू राम राय पब्लिक स्कूल वसंत विहार में हिन्दी पखवाड़े का आज समापन हो गया। समापन पर विद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें लघु नाटिका, कथा वाचन, कविता पाठ, पोस्टर इत्यादि का आयोजन किया गया।

इस पखवाड़े में पर्यावरण संरक्षण की भी शपथ हिमालयन दिवस के रूप में मनाकर एवं विद्यालय के बच्चों द्वारा पूरे दस पौधे रोपित कर उनकी ज़िम्मेदारी लेकर एक नई पहल विद्यालय में शुरू हुई। पर्यावरण संरक्षण को समर्पित क़ोलाज बनाओ प्रतियोगिता भी इसका प्रमुख आकर्षण रही।

इस पखवाड़े में डॉ सुधांशु ध्यानी शिक्षाविद ने विचार रखते हुए सभी छात्रों से हिंदी की श्रेष्ठता बनाए रखने को एक किताब साहित्य की किसी बड़े लेखक की पढ़ने एवं अपनी आदतों में लाने एवं पर्यावरण संरक्षण को अपने घर से ही किसी पुराने डिब्बे में एक कटिंग वाले पौधे को उगाकर एक ज़िम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा लेने को कहा साथ ही उन्होंने अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिये सम सामयिक पत्रिकाओं एवं अख़बारों को अनिवार्य रूप से अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने को कहा।

उन्होंने कहा कि यदि आप एक किताब पढ़ते हैं तो आप श्रेष्ठता की ओर अपने कदम बढ़ाते हैं। विभिन्न दिवसों पर हिन्दी के शिक्षकों जामवंती पुष्प्वान, आभा जोशी, ज्योति ध्यानी ने सभी बच्चों को हिन्दी को शुद्ध रूप से अपने जीवन में अपनाने को कहा और रस, अलंकारों के महत्व को भी उन्होंने बताया। अंतिम दिवस पर विभिन्न सदनों के छात्र एवं छात्राओं ने महान कविओं की कविता का पाठ किया इसमें ख़ुशी थपलियाल ने कुमार विश्वास जी की शृंगार रस की कविता, दीपिका ने मैथली शरण गुप्त जी की कविता, आर्यन ने वीर रस की, ज़ानव्ही ने वात्सल्य रस, नीलिमा ने हास्य रस की कविता प्रस्तुत की। इसके साथ ही एक अंतर सदनीय वाद विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ इसमें तनिष्का प्रथम स्थान सौम्या द्वितीय एवं अंशिका तृतीय स्थान पर रहीं।

हिन्दी पखवाड़े के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ सुनीता रावत ने सभी बच्चों को हिंदी के महान कवियों से कथाकारों के जीवन से प्रेरणा लेने को कहा साथ ही कहा की आप अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिये सदैव नई चीजें अपने चारों ओर से देखकर सीखें।आप साहित्य की ओर कदम बढ़ायें जी जीवन श्रेष्ठ बनेगा। हम जब भी किताबों को पढ़ते हैं तो हम नया सीखते हैं हिंदी अपने आप में सामाजिक एकता , क्षेत्र की प्रगति और राष्ट्र की प्रगति का प्रतीक है।

इस पखवाड़े में प्रमोद रावत, रजनी धस्माना, रितु गुप्ता, अनुपम जैन, अनुज, जनार्दन बौंठियाल ने भी अपने विचार रखे।

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