देहरादून। भले ही कांग्रेस ने केदारनाथ उपचुनाव के लिए सत्ताधारी बीजेपी से पहले टिकट जारी किया हो। लेकिन स्टार प्रचारकों को तैनात करने के मामले में बीजेपी से पिछड़ी साबित हुई। बहरहाल कांग्रेस ने शुक्रवार शाम को केदारनाथ उपचुनाव के लिए पार्टी की ओर से 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। जो उपचुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से प्रचार करेंगे। स्टार प्रचारकों की इस लिस्ट में प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष के साथ कांग्रेस से पूर्व मंत्री और तमाम पूर्व और वर्तमान विधायकों के नाम शामिल हैं।
कांग्रेस की ओर से यहां पूर्व विधायक मनोज रावत उम्मीदवार हैं जो 2017 पहली बार में केदारनाथ से विधायक चुनकर आये। मनोज रावत पर सबसे कम विधायक निधि खर्च करने का रिकार्ड है ऐसा उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी आरोप लगाते हैं, हालांकि पूर्व विधायक मनोज रावत कहते है कि उनके कार्यकाल में कितनी विधायक निधि खर्च हुई इसकी सच्चाई कोई भी सीडीओ कार्यालय से पता कर सकते हैं, ये विपक्ष की ओर से उनकके खिलाफ दुष्प्रचार है। मनोज रावत पत्रकार हैं और देश की नामचीन पत्र-पत्रिकाओं में सेवाएं दे चुके हैं। भाजपा की ओर से उनके सामने दो बार की विधायक रहीं आशा नौटियाल हैं।
भाजपा की ओर से पूर्व विधायक रहीं आशा नौटियाल टिकट ना मिलने के चलते 2017 में पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरी थी। मौजूदा समय में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष हैं। आशा नौटियाल कुलदीप रावत, शैलपुत्री ऐश्वर्या रावत, वहां सेना भर्ती के लिए कैम्प चलाने वाले कर्नल अजय कोठियाल के अलावा सोना-पीतल चर्चित अजय अजेन्द्र को पछाड़ कर भाजपा की ओर से उपचुनाव के लिए टिकट हासिल करने में कामयाब रही। इस बार प्रदेश में उपचुनाव में आश्रित का फार्मूला नहीं चला। ये दूसरी मर्तबा है जब इस फार्मूला में अमल करने में किसी भी राजनीतिक दल खासकर भाजपा ने परहेज किया है।
उधर भाजपा कांग्रेस के अलावा यूकेडी से भण्डारी और पेशे से पत्रकार त्रिभुवन चौहान भी उपचुनाव में मैदान में हैं। लेकिन भाजपा कांग्रेस की बात करें तो आशा नौटियाल डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को लेकर चुनाव मैदान में हैं तो वहीं कांग्रेसी मनोज रावत ने सरकारी भ्रष्टाचार भू-कानून और चारधाम यात्रा में उजाड़े गये स्थानीय दुकानदारों को मु्दा बनाया है।
