देहरादून। यूकेडी ने दुष्कर्म से गर्भवती हुई नाबालिग के लिए 4 हजार रूपये का गुजारा भत्ता दिये जाने की घोषणा को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। केन्द्रीय महामंत्री किरन रावत ने कहा कि इस प्रकार के अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही करने के बजाय नाबालिग को गुजारा भत्ता की घोषणा करके समाज से अलग कर देने का फैसला निंदनीय है। मुख्यमंत्री का इस प्रकार का बयान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इतने गंभीर अपराध करने वाले अपराधियों को डरने की आवश्यकता नहीं है, वह चाहे जितने अपराध कर ले, सरकार पीड़ित को गुजारा भत्ता देकर समस्या का समाधान कर लेगी।
उन्होंने कहा कि नाबालिग से दुष्कर्म के संबंध में मुख्यमंत्री ने ऐसा वक्तव्य देकर अपनी गरिमा स्वयं गिरा दी है। मुख्यमंत्री को स्वयं विचार करना चाहिए कि क्या उनका यह वक्तव्य सही है? उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल की मांग है की पीड़ित परिवार अथवा लड़की को 50-50 लाख एवं बालिका को उच्च शिक्षण संस्थानों/ विश्वविद्यालयों में शिक्षा की निशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को इस पर विचार करना चाहिए कि समाज में इस प्रकार के अपराधों में किस प्रकार कमी आएगी? अपराधियों पर तत्काल कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री का ऐसा बयान संपूर्ण मातृशक्ति का अपमान है जिसके लिए मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए।
