अलर्ट: मौसम ले सकता है करवट, चलेंगी तेज हवाएं और होगी झमाझम बारिश, रहें सावधान

मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ी राज्यों में बिजली कड़कने और तेज ठंडी हवाएं चलने की संभावना है. विस्तार से पढ़ें.

नई दिल्ली: भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक आज शनिवार 10 अक्टूबर 2026 को एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से हिमालयी इलाके में बारिश होने की संभावना है. इसके साथ-साथ बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी एक नया सिस्टम बनने की उम्मीद है. ऐसे में मौसम एकबार फिर करवट ले सकता है. बता दें, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून देश से विदा ले रहा है. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि 15 अक्टूबर तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मौसम खराब रहने और बारिश होने की संभावना है.

पहाड़ियों पर पहली बारिश होती है

विभाग के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर पहाड़ी राज्य उत्तराखंड पर पड़ रहा है, जहां पहले ही भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग (IMD) ने 10 से 15 अक्टूबर के बीच राज्य और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान जताया है. आज शनिवार को उत्तराखंड में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी/घंटा (झोंकों के साथ 50 किमी/घंटा तक) की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में आज और फिर मंगलवार 13 अक्टूबर को काफी बड़े इलाके में बारिश हो सकती है.

मैदानी इलाकों में बदलाव देखने को मिलेगा
इस सिस्टम के पूर्व की ओर बढ़ने और मैदानी इलाकों तक पहुंचने की उम्मीद है. रविवार 11 अक्टूबर के आसपास राजधानी नई दिल्ली और उससे सटे एनसीआर (NCR) में मौसम बदल सकता है, जिसमें आंधी-तूफान और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 10 से 15 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 12 अक्टूबर तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा (तेज हवा के झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि पंजाब में हवा की रफ्तार 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) रह सकती है. 12 अक्टूबर तक, उत्तरी पाकिस्तान और उत्तरी मैदानी इलाकों में नमी बढ़ने और बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है, जिससे बारिश का दायरा बढ़ सकता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है.

बंगाल की खाड़ी के ऊपर नया सिस्टम
मौसम का अनुमान लगाने वाले एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन पर नजर रख रहे हैं, जिसके 12 अक्टूबर को बनने की उम्मीद है. इसके 13 अक्टूबर के आसपास खाड़ी के ऊपर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है, जिसका असर बाद में पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत के मौसम पर पड़ सकता है.

पूर्व और पूर्वोत्तर का हाल
विभाग के मुताबिक ओडिशा में 10 से 15 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है, जबकि बिहार में 10-11 अक्टूबर और फिर 15 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है. झारखंड, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, हिमालय के पास वाले पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश हो सकती है. आज झारखंड और ओडिशा में 30-40 किमी/घंटा की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं. पूर्वोत्तर में, आज अरुणाचल प्रदेश में काफी ज्यादा या हर जगह बारिश हो सकती है. असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में 15 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है, और इनमें से आखिरी चार राज्यों में 13 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10-11 अक्टूबर को हर जगह बारिश और 13-14 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है.

दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी
आईएमडी 10 से 15 अक्टूबर के बीच केरल और माहे (पुदुचेरी केन्द्र-शासित प्रदेश का एक प्रमुख और सबसे छोटा जिला) में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है. आज इन दोनों जगहों और तमिलनाडु में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, साथ ही लक्षद्वीप में आंधी-तूफान और 40-50 किमी/घंटा (झोंकों के साथ 60 किमी/घंटा तक) की तेज हवाएं चलने की उम्मीद है. दक्षिणी कर्नाटक में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है क्योंकि लौटता हुआ मानसून उत्तर-पूर्वी मानसून की स्थितियों में बदल रहा है. 10 से 13 अक्टूबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में ज़मीन की सतह पर तेज हवाएं चलने की संभावना है.

पश्चिम और मध्य में गर्मी
इसके उलट, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में एंटी-साइक्लोन की वजह से ज्यादातर मौसम गर्म और सूखा रहेगा, हालांकि पश्चिमी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश का अनुमान है. एंटी-साइक्लोन में हवाएं घड़ी की दिशा में घूमती हैं और हवा ऊपर से नीचे की ओर आती है. नीचे आती हुई यह हवा बादलों को बनने से रोकती है, आसमान को साफ रखती है और दिन के समय तेज गर्मी होने देती है. आज तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा में गर्मी और उमस भरे हालात रहने की संभावना है.

15 अक्टूबर तक मानसून की विदाई
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून उत्तर भारत के कई हिस्सों से पहले ही हट चुका है और उम्मीद है कि 15 अक्टूबर के आसपास यह देश से पूरी तरह चला जाएगा, जिससे इसका चार महीने का दौर खत्म हो जाएगा.

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