उपशीर्षक: प्रदेशभर में सरकारी जमीनों से जुड़े मामलों को लेकर आंदोलन की तैयारी, हर जिले में वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई मोर्चे की कमान।
देहरादून। उत्तराखंड में जमीनों को लेकर अब सियासी लड़ाई तेज होने वाली है। कांग्रेस ने प्रदेश की सरकारी और बेशकीमती जमीनों से जुड़े मामलों को लेकर धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। पार्टी ने ‘भूमि बचाओ, धामी हटाओ’ अभियान के तहत प्रदेशव्यापी आंदोलन का खाका तैयार किया है। इसकी शुरुआत 4 नवंबर से सभी जिलों और महानगरों में की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व का आरोप है कि प्रदेश में महत्वपूर्ण सरकारी संपत्तियों और जमीनों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी इन मामलों को जनता के बीच ले जाकर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति पर काम कर रही है। दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में उत्तराखंड के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद अभियान को गति दी गई है।
जिलावार तय किए गए आंदोलन के मुद्दे
प्रदेश कांग्रेस ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में जमीन से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को दी है। नैनीताल में पटवाडांगर और जोलीकोट की संपत्तियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य तथा सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल मोर्चा संभालेंगे। अल्मोड़ा में निरीक्षण भवन और कटारमाल से जुड़े मामलों को विधायक मनोज तिवारी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल उठाएंगे। रानीखेत में चौबटिया उद्यान पार्क और निरीक्षण भवन का मामला करन माहरा के नेतृत्व में उठाया जाएगा। हल्द्वानी के एचएमटी रानीबाग की जमीन को लेकर विधायक तिलक राज बेहड़ और सुमित हृदयेश को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं भीमताल और रामगढ़ क्षेत्र के लिए उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी तथा विधायक आदेश चौहान को नामित किया गया है।
ऋषिकेश, मसूरी और डाकपत्थर पर रहेगी नजर
देहरादून जिले में कांग्रेस ने कई बड़े भूमि मामलों को अभियान में शामिल किया है। ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल की लगभग 633 एकड़ भूमि को लेकर पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विकासनगर के डाकपत्थर क्षेत्र की करीब 180 एकड़ जमीन के मामले में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह मोर्चा संभालेंगे। मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट स्थित हाथीपांव क्षेत्र की लगभग 142 एकड़ भूमि को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी इन मामलों को लेकर सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाने की तैयारी में है।
हरीश रावत समेत कई नेता हरिद्वार में संभालेंगे मोर्चा
टिहरी जिले के धनोल्टी क्षेत्र की करीब 247 एकड़ जमीन के मामले में विधायक विक्रम सिंह नेगी और लखपत बुटोला को जिम्मेदारी मिली है। वहीं हरिद्वार में अलकनंदा होटल से जुड़े मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक ममता राकेश, अनुपमा रावत और रवि बहादुर अभियान को आगे बढ़ाएंगे। इसके अलावा रानीपुर के सलेमपुर महमूद क्षेत्र की करीब 21 एकड़ जमीन के मामले में विधायक फुरकान अहमद और वीरेंद्र जाति को जिम्मेदारी दी गई है।
कांग्रेस ने इस अभियान के जरिए जमीनों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की तैयारी की है। 4 नवंबर से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के तहत पार्टी प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगी। आने वाले दिनों में यह अभियान उत्तराखंड की राजनीति में नया सियासी टकराव पैदा कर सकता है।
