उपशीर्षक: रातभर में पूरा होगा दोनों महानगरों का सफर, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों को मिलेगा बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ
नई दिल्ली। देश में आधुनिक रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक और कदम बढ़ाया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु और मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, एचडी कुमारस्वामी, रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। नई स्लीपर ट्रेन के शुरू होने से दोनों प्रमुख महानगरों के बीच यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक रात्रिकालीन रेल यात्रा का विकल्प मिलेगा। इस सेवा से कारोबारियों, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, पर्यटकों और अन्य यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
इन प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी ट्रेन
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस अपने सफर के दौरान अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, यादगीर, वाडी, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इससे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। खासतौर पर उत्तर कर्नाटक के यात्रियों को प्रीमियम रेल सुविधा का लाभ मिलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन देश की आईटी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु को आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेगी। उन्होंने बताया कि कर्नाटक में रेल कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए नई परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

शाम को बेंगलुरु से चलेगी, अगले दिन मुंबई पहुंचेगी
रेलवे की ओर से जारी समय-सारणी के मुताबिक, ट्रेन एसएमवीटी बेंगलुरु से शाम 7:45 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पहुंचेगी। वहीं, वापसी में मुंबई से रात 8:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 12 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। बेंगलुरु से सोमवार और मुंबई से मंगलवार को इसका संचालन नहीं होगा। रात्रिकालीन समय-सारणी के कारण यात्रियों को रात में सफर करने और दिन का समय अपने काम के लिए इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी।
कर्नाटक को मिलेंगी दो और बड़ी रेल सौगातें
रेल मंत्री ने कर्नाटक में रेल सेवाओं के विस्तार को लेकर कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु से मंगलुरु के बीच वंदे भारत सेवा शुरू करने की तैयारी है। विद्युतीकरण का काम पूरा होने और सफल परीक्षण के बाद अगले कुछ सप्ताह में इस सेवा के शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा बेंगलुरु से उत्तर कर्नाटक के हुबली क्षेत्र को जोड़ते हुए पुणे और मुंबई की ओर नई वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू करने की योजना भी सामने रखी गई। रेल मंत्री ने बेंगलुरु-चेन्नई के बीच प्रस्तावित तेज रेल कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए कहा कि इस सफर में करीब 73 मिनट लगेंगे, जबकि बेंगलुरु से हैदराबाद की यात्रा लगभग 2 घंटे 10 मिनट में पूरी हो सकेगी।
रेलवे के विकास पर 52 हजार करोड़ रुपये के कार्य जारी
कार्यक्रम में रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने बताया कि कर्नाटक में करीब 52 हजार करोड़ रुपये की रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के तहत रेल नेटवर्क का विस्तार, पुराने प्रोजेक्ट्स को गति देने, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनाने तथा स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने रेलवे में निवेश बढ़ने और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार का उल्लेख किया। उन्होंने कवच सुरक्षा प्रणाली के प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि रेल दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी नई रेल सेवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि इनसे कर्नाटक के लोगों के साथ-साथ बेंगलुरु में रहने वाले दूसरे राज्यों के कामगारों और उनके परिवारों को भी बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भारतीय रेलवे के आधुनिक रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल दो बड़े आर्थिक केंद्रों के बीच यात्रा आसान होगी, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले शहरों के व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
