देहरादून। वन सेवा के सेवानिवृत अधिकारी बीडी सिंह इन दिनों सुर्खियों में है। दरअसल बीकेटीसी के पूर्व सीईओ और भारतीय वन सेवा के अधिकारी बीडी सिंह को सीएम धामी ने चारधाम यात्रा के लिए अपना सलाहकार नियुक्त किया है। वे चमोली के माणा से ताल्लुक रखते हैं और बतौर सीईओ बद्री-केदार मंदिर समिति में तकरीबन 11 साल सेवा दे चुके हैं।
बीडी सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने से तीर्थ पुरोहित समाज, मंदिर समिति सदस्य एवं अधिकारी कर्मचारियों में खुशी का इजहार किया है। बीडी सिंह दस साल तक 2012 से 2022 तक श्रीबदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी रहे। चार धाम देवस्थानम् बोर्ड बनने के बाद अपर मुख्य कार्याधिकारी पद पर आसीन रहे। बताया जाता है कि केदारनाथ आपदा के दौरान मंदिर समिति को संवारने में उनका बड़ा योगदान रहा।

बीडी सिंह को मंदिर समिति संचालित करने और यात्रा संचालित करने का व्यापक अनुभव है। लगातार 12 साल टेंपल कमिटी का सीईओ रहते हुए उन्होंने यात्रा का न केवल सफल संचालन किया बल्कि मंदिर समिति पर किसी तरह का आरोप भी नहीं लगा।
वन सेवा के अधिकारी रहे बीडी सिंह की छवि एक कर्मठ तथा ईमानदार अधिकारी के तौर पर मानी जाती है। माणा से ताल्लुक रखने वाले बीडी सिंह बदरीनाथ के परंपरागत पारिवारिक भक्त भी हैं। वे बद्री केदार की परंपराओं को भी स्थानीय होने के नाते बहुत बेहतर समझते हैं। उनकी ईमानदारी व कर्मठता को देखते हुए पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी ने उन्हें बदरीनाथ मंदिर का मुख्य कार्याधिकारी नियुक्त किया। जानकार बताते है कि बदरी-केदार मंदिर समिति में उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत श्रेष्ठ रहा।
वहीं बीडी सिंह के विरोधी उनकी इस नई जिम्मेदारी दिए जाने से खासे नाराज है। उनकी दलील है अंबानी परिवार से नजदीकी के चलते उनको ये जिम्मेदारी दी गई है।

