इनाम का लालच देकर आठ राज्यों में ठगी, 23 साल का युवक 80 लाख के साइबर फ्रॉड में गिरफ्तार

उपशीर्षक: छह बैंक खातों के जरिए चल रहा था धोखाधड़ी का खेल, 20 से ज्यादा शिकायतों के बाद मंगलौर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।

रुड़की। साइबर अपराध के जरिए कम समय में लाखों रुपये कमाने का खेल हरिद्वार में सामने आया है। मंगलौर कोतवाली पुलिस ने 80 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़े मामले में 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी के बैंक खातों का इस्तेमाल देश के आठ राज्यों में लोगों से धोखाधड़ी कर रकम जुटाने के लिए किया जा रहा था। मामले की शुरुआत प्रतिबिंब पोर्टल पर सामने आए एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी से हुई। जांच में इस खाते के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में 20 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं। इसके बाद पुलिस ने बैंक खाते की जानकारी जुटाकर खाताधारक तक पहुंचने की कोशिश की। जांच की कड़ी आकाश कुमार पुत्र वीरेंद्र, निवासी गोपालपुर तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ कि आरोपी के नाम पर छह बैंक खाते संचालित थे। इन खातों के जरिए गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब से जुड़े साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, सभी छह खातों में 80 लाख रुपये से अधिक की रकम का लेनदेन हुआ है।

लॉटरी जीतने का संदेश भेजकर फंसाता था लोग

आरोपी लोगों को लॉटरी निकलने और आकर्षक इनाम मिलने का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। वह फोन सहित अन्य माध्यमों से संपर्क कर लोगों को इनाम मिलने की बात कहता था। इसके बाद इनाम की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे पैसे मंगवाए जाते थे। रकम खाते में पहुंचने के बाद आरोपी एटीएम से नकदी निकालता और दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर देता था। इस तरीके से ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में पहुंचाया जा रहा था।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से छह बैंक पासबुक, छह एटीएम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस बैंक खातों के ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी की रकम किन-किन लोगों तक पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हैं।

एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन ठगी से जुड़े मामलों में तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

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