नई टिहरी। पिछले कई हफ्तों से उत्तराखण्ड के जंगल आग से धधक रहे हैं। शायद ही किसी क्षेत्र का जंगल आग से बचा हो। शरारती तत्व वनों को आग के हवाले करने से नहीं चूक रहे हैं। जिसके चलते शासन प्रशासन के आग बुझाने के तमाम प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
वहीं प्रभागीय वनाधिकारी टिहरी वन प्रभाग ने बताया कि वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है। वनाग्नि को लेकर एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही वनों को आग के हवाले करने वालो पर कार्यवाही भी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि रविवार को टिहरी रेंज के तहत मोकरी कक्ष संख्या 6 में आग लगाते हुए पाटा गांव के एक बुजुर्ग को वन कर्मियों द्वारा पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि दोपहर के बाद मोकरी कक्ष संख्या-6 में पाटा गांव के एक बुजुर्ग व्यक्ति बुद्धि लाल को आग लगाते हुए देखा गया। बताया गया कि बुजुर्ग ने वनीकरण क्षेत्र में 3 जगह आग लगाई।
चैकीदार के बार-बार रोकने के बाद भी बुजुर्ग नहीं माना जिसके बाद वन कर्मियों ने बुजुर्ग को हिरासत में लिया। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कारवाही की जा रही है। टिहरी डीएम ईवा श्रीवास्तव का कहना है कि वनों में आग लगाने वालों के प्रति इसी प्रकार आगे भी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
