देहरादून। उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है और अगले माह उत्तराखण्ड समेत पांच अन्य राज्यों में राज्य सरकार को चुनने के लिए मतदान होगा। 10 मार्च को पांचों राज्यों के परिणाम आने भी तय हुए हैं।
उत्तराखण्ड में जहां एक ओर अलग-अलग पार्टियों के नेता चुनाव आते ही रंगों के साथ-साथ पार्टियां भी बदल रहे हैं, वहीं सभी राजनीतिक दल जनता को लुभाने के लिए अपने-अपने अनुसार वादे कर रहे हैं।
प्रदेश में विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार आने पर रसोई गैस की कीमत पांच सौ रुपये करने का वायदा किया है। वहीं बेरोजगार युवाओं को लुभाने के लिए चार लाख नौकरी देने का वायदा किया है।
उत्तराखण्ड में सियासी जमीन तलाश रही आम आदमी पार्टी मुफ्त बिजली और बेहतर स्वास्थ्य, स्कूल के साथ ही महिलाओं को माहवार एक हजार रुपये देने का वायदा कर रही है। क्षेत्रीय दल उक्रांद जल, जंगल, जमीन, भू-कानून, लागू कराने का वायदा लेकर जनता की बीच पहुंची है।
जहां एक ओर कांग्रेस राज्य में सरकार बनाने का दावा और उसके बाद कई वादे भी कर रहे हैं वहीं उत्तराखण्ड में चुनावों से ठीक पहले नेताओं की स्थिति थाली के बैंगन के समान बनी हुई है। हाल ही बीजेपी से बर्खास्त पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत अपनी पुत्रबधू समेत कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की है कि उत्तराखण्ड में कांग्रेस की सरकार बनेगी। बात हरक सिंह रावत के दल बदलने की नहीं है, यहां तो हर-छोटा बड़ा नेता बेपैदे के लौठे की माफिक इधर से उधर हो रहे हैं। कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व पीसीसी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी कांग्रेस से 44 साल पुराना नाता तोड़ कर अब भाजपा के हो गये हैं। अब वो कमल के सम्बल पर टिहरी से चुनाव मैदान में नजर आयेंगे।
नैनीताल की पूर्व विधायक और महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सरिता आर्य ने भी टिकट कटने से नाराज होकर अपना पाला बदल दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर महिलाओं की अनदेखी करने की तोहमत भी लगाई है। अब वो कमल लेकर चुनावी मैदान में है और उनके सामने कमल छोड़कर गये संजीव आर्य हैं जो अपने पिता के साथ पिछले महीने कांग्रेस में वापस आ गये हैं।
डिप्टी स्पीकर समेत 4 सिटिंग विधायक हुए बागी
विधानसभा के उपाध्यक्ष और अल्मोड़ा विधायक रघुनाथ सिंह चैहान अल्मोड़ा सीट से टिकट काटे जाने के बाद पार्टी के खिलाफ बागी हो गए हैं। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने के भी संकेत दिए हैं। इसके अलावा भाजपा में कर्णप्रयाग, द्वाराहाट व थराली के विधायकों भी पहले ही बागी हो चुके हैं। थराली विधायक मुन्नी देवी और कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी टिकट काटे जाने को लेकर पहले ही नाराज हैं। कैंट विधानसभा में दिवंगत विधायक हरबंस कपूर की पत्नी सविता कपूर को टिकट देने से नाराज दूसरे दावेदारों ने पार्टी हाईकमान को परिवारवाद को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।
कांग्रेस में बढ़ते जा रहे बागी
ऋषिकेश में जयेंद्र रमोला को प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध कर रहे पूर्व प्रत्याशी राजपाल खरोला और पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलकर विरोध दर्ज कराया है। लैंसडाउन सीट पर अचानक हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुंसाई को लाकर टिकट देने से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन में जमकर बवाल काटा।
अभी तक भाजपा, कांग्रेस की ओर से बागियों को मनाने के लिए कुछ खास तैयारी नजर नहीं आ रही है। अभी सभी पार्टी के सीनियर नेता नामांकन प्रक्रिया को लेकर व्यस्त नजर आ रहे हैं। ऐसे में अभी बागियों को मनाने पर कम ही फोकस किया जा रहा है। ऐसे में बागी आने वाले दिनों में भाजपा, कांग्रेस के लिए टेंशन भी हो सकती हैं।
