हरदा की बल्लेबाजी पर टिकी हैं कांग्रेस के सियासी फाइनल जीतने की आखिरी उम्मीदें

देहरादून। पूर्व सीएम हरीश रावत 73 की उम्र में नौजवानों की तरह जनता व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर संवाद कायम कर रहे हैं। सुबह वह गौलापार में जनता के बीच बीच सड़क धरने पर बैठ जाते हैं तो दोपहर में रामनगर में पदयात्रा करते नजर आते हैं। हरदा यही नहीं ठहरते। शाम होने से पहले ज्योलीकोट पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते हैं। रात में हल्द्वानी लौटे हरदा कांग्रेस नेत्री के घर भिटौली देने पहुंच जाते हैं।

उम्र के इस पड़ाव में भी हरदा के चेहरे पर थकान का भाव नहीं आता। कार्यक्रम के बीच जब भी खाली समय मिलता है, हरदा छोटे व्यापारियों से मुलाकात करने के बहाने बाजार घूमने निकल पड़ते हैं। गुरुवार शाम हरदा हल्द्वानी के बाजार में सब्जी विक्रेताओं से बात करते दिखे। पहाड़ के उत्पादों प्रचार के साथ छोटे कार्यकर्ताओं को बूस्टअप करने का हरदा का ये अपना तरीका है। वह हलवाई की दुकान पर कभी जलेबी चासनी से निकालते दिखते हैं तो कभी किसी ठेले पर पकौड़ी तलते। कह सकते हैं कि हरदा की बल्लेबाजी पर कांग्रेस के सियासी फाइनल की आख़री उम्मीदें टिकी हुई हैं।

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