श्रीदेवसुमन विविः नियमित कुलपति के चयन को लेकर आशंकित हैं सामाजिक कार्यकर्ता, मंत्री को लिखी चिट्ठी

देहरादून। सामाजिक कार्यकर्ता शक्ति सिंह बर्तवाल ने उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर श्रीदेवसुमन उत्तराखण्ड विवि में अर्ह एवं योग्य कुलपति नियुक्त किये जाने की मांग की है। उन्होंने पत्र के जरिये बताया कि प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में में समय-समय पर नियमित कुलपतियों की नियुक्तियां हुई हैं। लेकिन पूर्व में कुछ विवि में निर्धारित अर्हता पूरी ना करने के बावजूद कुलपति नियुक्त किये गये। जिन्हें बाद में राजभवन और सरकार को हटाना पड़ा। उन्होंने बताया कि दून विश्वविद्यालय और सोबन सिंह जीन विश्वविद्यालय इसके उदाहरण है।

उन्होंने बताया कि श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में नियमित कुलपति नियुक्त किये जाने के लिए पिछले साल 15 सितम्बर 22 को विज्ञप्ति जारी की गई। जिसके क्रम में सर्च कमेटी ने 21 मार्च 23 को कुलपति पद के आवेदकों बुलावा भेजा।

उन्होंने आशका जताते हुए कहा कि श्रीदेव सुमन विवि में नियमित कुलपति के इस पद हेतु संभवतः कई ऐसा आवेदकों ने भी आवदेन किया होगा जो नियमित कुलपति की योग्यता पूरी नहीं करते। या उनका आचरण कुलपति के योग्य नहीं होगा। लिहाजा चयन से पूर्व सभी आवेदकों की गहन जांच आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कुलपति जैसे गरिमामयी पद पर नियुक्ति दिये जाने से पूर्व सम्बन्धित आवेदकों के जीवनवृत्त, नियोक्ता एवं विजलेंस जाचं करायी जानी चाहिए ताकि राजभवन एवं शासन की चयन प्रक्रिया पर बाद में कोई प्रश्न चिन्ह न लग सके।

वहीं उन्होंने श्रीदेवसुम विश्वविद्यालय में नियमित कुलपति जल्द नियुक्ति किये जाने की भी मांग की। उन्होंने भारत सरकार के डीओपीटी विभाग की ओर से 11 जनवरी 2016 को जारी पत्र का हवाला देते हुए कहा कि विज्ञप्ति जारी होने के उपरान्त छः महीने के अंदर पद को भरा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें की गई देरी उम्मीदवार को अवसर से वंचित कर सकती है।

उन्होंने कहा कि श्रीदेवसुमन विवि की स्थापना साल 2012 हुई। जिससे गढ़वाल मण्डल सरकारी और गैरसरकारी महाविद्यालय सम्बद्ध है। लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी विवि का समुचित विकास नहीं हो पाया है। लिहाजा विवि के विकास के लिए नियमित कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शीपूर्ण तरीके की जानी चाहिए।

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