देहरादून। प्रशिक्षित बेरोजगार फार्मासिस्ट (एलो) महासंघ अपनी मांगों को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी में है। इस कड़ी में फार्मासिस्ट महासंघ ने सहस्त्रधारा रोड एकता विहार में धरना दिया। गुरूवार को प्रदेशभर से डिप्लोमा बेरोजगार फार्मासिस्ट देहरादून एकता बिहार धरना स्थल पर पहुंचे और मांगों को लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। गौरतलब है कि बेरोजगार फार्मासिस्ट महासंघ लम्बे समय से स्वास्थय उपकेन्द्रों में फार्मासिस्ट की नियुक्तियां और दूसरी तमाम मांगों को लेकर सालों से मांग कर रही है।
प्रशिक्षित बेरोजगार फार्मासिस्ट महासंघ का कहना है कि सरकार एक साजिश के तहत फार्मासिस्ट के पद ही समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार फार्मासिस्ट संघ इसको कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। धरना स्थल पर मौजूद बेरोजगार फार्मासिस्टों ने कहा ये सिर्फ नौकरी की लड़ाई नहीं है हमारी लड़ाई फार्मासिस्ट के अस्तित्व की लड़ाई है।
प्रशिक्षित बेरोजगार फार्मासिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष महादेव गौड़ ने कहा फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है। 2006 से लगातार फार्मासिस्ट के पदों को भरने की मांग की जा रही है लेकिन सरकार फार्मासिस्टों की भर्ती करने के बजाय फार्मासिस्ट के पदों को खत्म करने की साजिश कर रही है।
बेरोजगार फार्मासिस्ट और टिहरी ईकाई के मीडिया प्रभारी हरि प्रकाश सेनवाल कहते कि हमारी मांग है कि स्वास्थ्य उपकेन्द्र स्तर पर फार्मासिस्ट की नियुक्तियां की की जाये। उत्तराखण्ड जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले प्रदेश में डाक्टर पहाड़ों में सेवा देने को तैयार नहीं है। फार्मासिस्ट ही हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का जिम्मा संभाले हुए हैं। लेकिन सरकार लगातार बेरोजगार फार्मासिस्टों को भर्ती के नाम पर सालों से छला जा रहा है।
इस बार मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट आर-पार की लड़ाई की मूड में है। अपनी मांगों को लेकर महासंघ ने विधानसभा घेराव, मुख्यमंत्री आवास कूच, सचिवालय घेराव का मन बना लिया है।
