देहरादून जिले में डेंगू जांच हेतु अधिकतम दरें निर्धारित, सीएमओ देहरादून ने जारी किया आदेश

प्रत्येक प्राइवेट हॉस्पिटल के 20 प्रतिशत बेड डेंगू के लिए आरक्षित होंगे
जिला चिकित्सालय में डेंगू वार्ड में बेड की संख्या बढ़ाकर हुई 50

देहरादून। उत्तराखंड में नोटीफाइड डिजीज घोषित किए जा चुके डेंगू रोग के संक्रमण की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग सक्रियता से जुट गया है। शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून ने जिले के सभी पैथोलॉजी लैब संचालकों और चिकित्सालयों की महत्वपूर्ण बैठक की।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डॉ० संजय जैन ने बताया कि बैठक में व्यापक जनहित को रखते पैथोलोजी लैब संचालकों और चिकित्सालयों के साथ कई बिंदुओं पर सहमति सहमति बनी है।

बैठक के बाद डॉ० संजय जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून ने बताया कि जिले के अंतर्गत समस्त चिकित्सालय एवं पैथोलॉजी लैब हेतु प्रत्येक डेंगू एलाइजा टेस्ट हेतु अधिकतम ₹1100 की दर निर्धारित की गई।

जिला देहरादून के अंतर्गत समस्त चिकित्सालय एवं पैथोलॉजी लैब हेतु प्रत्येक डेंगू एलाइजा टेस्ट हेतु अधिकतम ₹1000 की दर निर्धारित की गई।

जनपद देहरादून के अंतर्गत समस्त चिकित्सालय एवं पैथोलॉजी लैब हेतु प्रत्येक डेंगू रैपिड टेस्ट एनएस1 हेतु अधिकतम ₹500 की दर निर्धारित की गई।

जनपद देहरादून के अंतर्गत समस्त चिकित्सालय एवं पैथोलॉजी लैब हेतु प्रत्येक डेंगू रैपिड टेस्ट हेतु अधिकतम ₹800 की दर निर्धारित की गई।

उन्होंने निर्देश जारी करते हुए बताया कि जनपद देहरादून के अंतर्गत समस्त चिकित्सालय एवं पैथोलॉजी लैब द्वारा डेंगू टेस्ट की दरों की सूची चिकित्सालय एवं लैब में आमजन हेतु प्रदर्शित की जाएगी।
जनपद देहरादून के अंतर्गत समस्त चिकित्सालय एवं पैथोलॉजी लैब द्वारा डेंगू जांच एवं उपचार संबंधी केसों की सूची प्रतिदिन आई०डी०एस०पी० देहरादून को अनिवार्य रूप से प्रेषित की जाएगी।

इससे पूर्व डेंगू जांच के ऐवज में मनमाना शुल्क वसूलने संबंधी शिकायत पर सीएमओ देहरादून द्वारा जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति द्वारा दैनिक निरीक्षण के उपरांत प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के बाद जनहित में यह कदम उठाया गया।

इसके अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय जैन द्वारा जानकारी दी गई कि जिला कोरोनेशन चिकित्सालय देहरादून में डेंगू वार्ड में 20 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कर दी गई है। पूर्व में डेंगू वार्ड की क्षमता 30 बेड थी, जो अब बढ़कर 50 बेड हो गई है।

उन्होंने जनपद के सभी निजी चिकित्सालयों को निर्देश दिए कि वह अपने चिकित्सालय की कुल बेड क्षमता का 20 प्रतिशत डेंगू मरीजों हेतु आरक्षित रखेंगे तथा ऐसे वार्ड को डेंगू आइसोलेशन वार्ड के नाम से प्रदर्शित करेंगे।

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