देहरादून। धामी कैबिनेट की अयोध्या यात्रा पर सियासत शुरू हो गई है। विपक्षी कांग्रेस ने सत्ता पक्ष पर जनता की गाढ़ी कमाई का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि प्रदेश की धामी सरकार का पूरा मंत्रिमंडल अयोध्या की धार्मिक यात्रा पर हैं, जो अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रायें आस्था का विषय है जो अपने खून पसीने और मेहनत की कमाई से की जानी चाहिए धार्मिक आस्था नितांत निजी और व्यक्तिगत विषय है इसके प्रदर्शन से बचा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के प्रति प्रत्येक नागरिक की अपनी धार्मिक आस्था है परन्तु सरकारी धन के लाखों रूपये खर्च कर ऐसी धार्मिक यात्रायें कराया जाना आम जनता की गाढ़ी कमाई का खुला दुरूपयोग है जो राज्य एवं जनहित में उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां जगह-जगह हमारे इष्ट देवों के मंदिर हैं उनके जीर्णाेद्धार और रखरखाव के लिए सरकार कोई योजना नहीं बना रही है उस पर भी सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।
अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि भाजपा सरकारें प्रत्येक मोर्चे पर विफल साबित हो चुकी हैं। राज्य में बेरोजगारों की लाईन लगातार लम्बी होती जा रही है, महिलाओं पर अत्याचार बढते जा रहे हैं, किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। ऐसे में अब भाजपा आसन्न लोकसभा चुनाव में हार के भय से जनता की मेहनत की कमाई के पैसे से दिये गये टैक्स से धार्मिक यात्रायें कर जनता को एकबार फिर से भ्रमित करना चाहती है।
उन्होंने भाजपा पर धार्मिक यात्राओं का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि एक ओर भाजपा के लोग अपनी निजी धार्मिक यात्रा पर उत्तराखण्ड आये कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के केदारनाथ दर्शन के दौरान सुनियोजित ढंग से नारेबाजी करते हैं। वहीं धामी सरकार का पूरा मंत्रिमंडल सरकारी धन से धार्मिक यात्रा करता है तब भाजपा के बड़बोले प्रवक्ता एवं वक्ता चुप्पी साधे बैठे हैं।
