हरियाणा के युवाओं ने मारी बाजी, ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में 100% अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों से बढ़ी प्रतिस्पर्धा

पिथौरागढ़। ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) भर्ती के परिणाम ने एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है। हरियाणा के युवाओं के शानदार अंकों के कारण स्थानीय अभ्यर्थियों के चयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। भर्ती में 100 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या ने चयन प्रक्रिया और मेरिट को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले में जीडीएस के कुल 65 पदों पर भर्ती होनी थी, जिनमें से 60 पदों पर चयन हुआ है, जबकि पांच पद रिक्त रह गए हैं। चयनित 60 अभ्यर्थियों में सभी हरियाणा के मूल निवासी बताए गए हैं। इनमें से 50 अभ्यर्थियों ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।

ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में चयन हाईस्कूल के अंकों के आधार पर किया जाता है। ऐसे में अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट में प्राथमिकता मिलती है। इसी व्यवस्था के चलते दूसरे राज्यों के अधिक अंक वाले उम्मीदवारों के चयन पर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदी विषय में भी 100 अंक हासिल करने वाले कुछ अभ्यर्थियों को लिखने-पढ़ने में कठिनाई होने की बात सामने आई है। इस मुद्दे ने भर्ती प्रक्रिया में अंकों की विश्वसनीयता और शैक्षणिक मूल्यांकन को लेकर बहस को और तेज कर दिया है। डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चयन निर्धारित नियमों और हाईस्कूल के अंकों के आधार पर किया जाता है। वहीं, स्थानीय स्तर पर इस मामले की जांच और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है।

अब निगाहें जांच और विभागीय स्पष्टीकरण पर

भर्ती परिणाम सामने आने के बाद स्थानीय अभ्यर्थियों और लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। सवाल यह है कि क्या चयनित उम्मीदवारों के अंकों और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और क्या भर्ती प्रक्रिया से जुड़े संदेहों पर विभाग कोई स्पष्ट जवाब देगा।

 

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